रचनायें

 

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परिचय: गढ़वाल हिमालय में जनपद पौड़ी के सुदूर प्रकृति की गोद में बसे अत्यन्त रमणीक गाँव पिनानी में श्री परमानन्द पोखरियाल एवं श्री मति बिश्वम्भरी देवी पोखरियाल के अति निर्धन परिवार में सन् १९५९ ई. में जन्मे डॉ. रमेश पोखरियाल 'निशंक' बचपन से ही प्रखर बुद्धि के साथ-साथ ओजस्वी विचारों के धनी रहे है। अहर्निश संघर्षशील 'निशंक' के मन में समाज के लिये कुछ कर गुजरने की छटपटाहट बाल्यावस्था से ही रही है।



बचपन से ही पढ़ाई के साथ-साथ घर परिवार के कामकाज में परिजनों का हाथ बटांते 'निशंक' विधार्थी जीवन में भी छात्रों की समस्याओं के समाधानों व देशभक्ति तथा  प्रकृति पर कवितायें रचने का क्रम जारी रखते हुये सभी का उत्साहवर्धन करते रहे हैं। आगे चलकर सामाजिक कार्य, पठन-पाठन और लेखन उनकी जिन्दगी का अभिन्न अंग बन गये। निशंक बाल्यकाल से ही लगातार पत्र-पत्रिकाओं में छ्पने लगे।
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राजनैतिक यात्रा: पेशे से पत्रकार रह चुके निशंक जी पहली बार १९९१ में कर्णप्रयाग से एम.एल.ए. की सीट के लिये चुने गये बस यहीं से उनका राजनैतिक कार्यकाल प्रारंभ हुआ।


चुनाव क्षेत्र: सन् १९९१, १९९३, १९९६ में कर्णप्रयाग विधानसभा क्षेत्र से लगातार तीन बार विधायक के रूप मे चुने गये तथा उत्तरप्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री (उत्तरांचल विकास विभाग), १९९८ में उत्तरप्रदेश के सांस्कृतिक और धर्मस्व मंत्री बने।
साहित्यकार: वह एक अच्छे साहित्यकार भी है। इसलिये वह कई साहित्यक और सांस्कृतिक समितियों में भी सहयोगी रह चुके हैं  तथा कई सांस्कृतिक पुस्तकें भी लिखीं। उत्तरांचल के निर्माण के समय डॉ. रमेश पोखरियाल 'निशंक' उत्तरप्रदेश सरकार से उत्तरांचल के मंत्री बने। इससे पहले वह् पर्वतीय विकास मंत्री स्वास्थ्य, परिवार कल्याण, भाषा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के कैबिनेट मंत्री भी रह चुके है। वर्तमान में आप उत्तराखण्ड सरकार मुख्यमंत्री  है ।

 


 
सम्मान

दिल्ली में आयोजित समारोह में पूर्व प्रधान मंत्री श्री अटल विहारी वाजपेयी द्वारा साहित्य भारती सम्मान।

राष्ट्रपति डॉ- ए-पी-जे- अब्दुल कलाम आजाद द्वारा राष्ट्रपति भवन में साहित्य गौरव सम्मान।

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चित्रमाला